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निर्भया के गुनहगार अक्षय ठाकुर की पत्नी बोली- मुझे और मेरे बेटे

निर्भया बलात्कार कांड तो आपको याद ही होगा? उसी बलात्कार कांड के केस में 20 मार्च 2020 को चारों बलात्कारियों को फांसी की सजा मुकर्रर हुई है। यहां तक सब ठीक है आप ने बलात्कार किया आपको सजा मिलेगी इसमें कोई दो राय नहीं है कि आपने गलती क। पूरी दुनिया में कोई भी इंसान खड़ा होकर यह नहीं कह सकता कि भारत सरकार ने अपनी दायित्व पूरा नहीं निभाया है भारत के सुप्रीम कोर्ट ने अपना दायित्व नहीं निभाया है या यूं कहे भारत की किसी भी कोर्ट में अपना दायित्व नहीं निभाया है। भारत की निचली से लेकर देश की सबसे बड़ी कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने एक नहीं दो नहीं बल्कि कई ऐसे मौके इन बलात्कारियों को दिए जिनमें वह अपना पक्ष रख सके और अपने आप को निर्दोष साबित कर सके लेकिन हाथ कंगन को आरसी क्या पढ़े लिखे को फारसी क्या जब इन लड़कों ने बलात्कार जैसा जगन्ना अपराध किया है निर्भया के साथ इनको सजा मिलनी तय है। लेकिन दुख मुझे इस चीज का है कि इन बलात्कारियों में से एक अक्षय ठाकुर की पत्नी पुनीता के बारे में जितना भी मीडिया में कवरेज हुआ है उस सब को देख मुझे बहुत दुख होता है। इस मामले में पुनीता की तो कोई गलती नहीं है पुनीता को तो शायद पता भी नहीं होगा उसके पति ने कितना जघन्य अपराध किया है। पुनीता ठहरी भारतीय नारी बेचारी अभी तक यह स्वीकार करने को तैयार नहीं है कि उसके बलात्कारी पति ने किसी एक लड़की की जिंदगी नोच नोच कर खराब कर डाली। निर्भया के साथ इतनी दरिंदगी हुई कि उस लड़की को पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर को बाहर आकर यह कहना पड़ा कि निर्भया को बलात्कारियों के सामने घुटने टेक देने चाहिए थे और बलात्कार को स्वीकार कर लेना चाहिए था। मुझे नहीं पता आप में से कितने लोगों ने निर्भया की मेडिकल रिपोर्ट पड़ी है, लेकिन मुझे करीब-करीब अंदाजा है आप में से किसी ने भी उसकी मेडिकल रिपोर्ट नहीं पड़ी। अगर आपने उस लड़की की मेडिकल रिपोर्ट नहीं पड़ी है तो आपको अंदाजा भी नहीं है उस लड़की के साथ कितनी दरिंदगी इन ******* ने की थी। 

यह पुनीता का दुर्भाग्य ही है कि वह अक्षय ठाकुर जैसे बलात्कारी की पत्नी है हालांकि इस चीज में मुझे कोई दो राय नहीं है कि पुनीता को सब की सजा नहीं मिलनी चाहिए लेकिन अगर इतना ही मुद्दा देखा जाए तो होने को तो निर्भया की भी क्या ही गलती थी? 

निर्भय अभी बिचारी एक सीधी साधी लड़की थी जो अपनी जिंदगी के लिए सपने सजाए बैठी थी और उन सपनों को इन दरिंदों ने रोंग दिया। पुनीता क्षमा करना भाई होने के नाते तुम्हारे पति को माफ करने का अधिकार मैं किसी और को नहीं दे पाऊंगा। तुम्हारे पति को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। 

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